धर्म/ज्योतिष

रसोई घर में रखे जाने वाले फ्रिज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को सही जगह रखने से हो सकती है आप पर माता लक्ष्मी की कृपा।

हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र की काफी मान्यता है। नया घर बनाने से पहले लोग वास्तु शास्त्र के जानकारों से सलाह जरूर लेते हैं कि इसे कहां और कैसे बनवाना ज्यादा सही रहेगा। अगर आप भी घर में छानबीन करने जा रहे हैं, तो इस वास्तु टिप को एक बार जरूर पढ़ें, ताकि आप बिना किसी वास्तु सलाहकार के सही निर्णय ले सकें। तो आइए जानते हैं कि किचन में कौन-सा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कहां रखना चाहिए, मां लक्ष्मी की आप पर विशेष कृपा होगी।

पीने के पानी, हाथ धोने या घर के बर्तन धोने के लिए रसोई में नल लगाना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा रसोई में बर्तन धोने के लिए वास्तु शास्त्र में उत्तर पश्चिम दिशा को अनुकूल माना गया है।

रसोई में खाली सिलेंडर दक्षिण-पश्चिम (दक्षिण-पश्चिम) में रखना चाहिए, जबकि दक्षिण दिशा में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर को रखना अनुकूल होता है। इसके अलावा रसोई में दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में चावल, आटा, फलियां, मसाले, बर्तन आदि रखना फायदेमंद होता है।

किचन में टोस्टर, गीजर, माइक्रोवेव को मैग्मैटिक एंगल पर रखना चाहिए। जबकि ब्लेंडर, जूसर आदि को मैग्मैटिक एंगल के पास दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई का संबंध अग्नि तत्व से है। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि किचन फायर कॉर्नर में हो। पूर्व और दक्षिण में स्थित शंकु को अग्नेय या अग्नि शंकु कहा जाता है। अग्नि राजा की गुणवत्ता के कारण यह दिशा रसोई के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अगर इस दिशा में किचन बनाना संभव न हो तो ईशान कोण में किचन बना सकते हैं।

अगर किचन में काला पत्थर है तो उसकी नकारात्मक ऊर्जा के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए आप किचन में स्वस्तिक का चिन्ह बना सकते हैं। किचन में माहौल सकारात्मक रहेगा।

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