इंदौर न्यूज़

बड़ा खुलासा: फर्जी जमानत करवाने वाले गिरोह का हुआ भंडाफोड़, 10 वर्षो से नकली जमानतदारों के जरिये चल रहा था धंधा

क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए फर्जी लोन बुक बनाकर कोर्ट से जमानत दिलाने वाले सामने आए फर्जी गैंग को लगभग 1000 फर्जी के कब्जे में छोड़ दिया है. लगभग 80 गारंटरों के नाम से लिखी गई लोन बुक, लोन बुक में 20 विभिन्न जिलों की आधिकारिक रबर सील भी हैं, जिनके नाम और सेवाएं कर अधिकारियों द्वारा जब्त की गई हैं। गिरोह का मुख्य राजा फर्जी मातहतों को करीब 10 साल से अदालत में पेश करने का काम कर रहा है और इससे पहले भी उसके खिलाफ इंदौर शहर के थानों में कई मामले दर्ज हो चुके हैं.

इंदौर पुलिस आयुक्त इंदौर नगर हरिनारायणचारी मिश्रा द्वारा इंदौर कमिश्नरेट में लोगों को धोखा देकर धोखाधड़ी से संबंधित अपराधों को ट्रैक करने के निर्देश दिए गए हैं. उक्त निर्देशों के अनुरूप पुलिस उपायुक्त (अपराध) श्री राजेश हिंगणकर ने पुलिस उपप्रमुख (अपराध शाखा) श्री निमिष अग्रवाल और पुलिस उपप्रमुख (आपराधिक विभाग) गुरु प्रसाद पाराशर को घटनाओं पर नियंत्रण करने के लिए भेजा। जो इंदौर शहर में हुआ। उपरोक्त निर्देशों के अनुसार अपराध विभाग की टीम को इन अपराधों में शामिल प्रतिवादियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

इस धारा में कार्यवाही के दौरान आपराधिक विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदौर के सिख मोहल्ला में चार लोग झूठी जमानत देने के लिए घूम रहे हैं. जिस पर आपराधिक शाखा की टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की योजना बनाई और चारों आरोपियों को कैद कर लिया, जिनके नाम हैं.
1. करण के पिता दीपक चावड़ा की उम्र 19 साल है। मनसेर-61 अहीर खेड़ी मल्टी हवा बंगला द्वारकापुरी
2. प्रकाश के पिता बलवंत मालवीय की उम्र 60 साल है। ग्राम मुंडाली तह. तराना जिला उज्जैन
3. रमेश दूर भेजा। गंगाराम बोडना 50 साल के हो गए हैं। थाने के पीछे संत रविदास नगर आवास नगर बीएनपी जिला देवास
4. कैलाश के पिता बद्रीप्रसाद प्रजापत 48 साल के हैं। 125 भगत सिंह नगर सांवेर रोड इंदौर

आरोपियों की तलाशी के दौरान विभिन्न जिलों के तहसीलदारों से करीब एक हजार खाली ऋण पुस्तिकाएं, जमानतदारों के नाम से लिखी करीब 80 ऋण पुस्तिकाएं और 80 रबर सील के टुकड़े व अन्य सामान उनके कब्जे से अग्रिम रूप से ले लिया गया है.

गिरोह के सरगना आरोपी करण ने आरोपी से पूछताछ के दौरान बताया कि वह प्रकाश चावड़ा का भतीजा है और वह और उसके चाचा अदालत में झूठे बयान पेश करते थे. करण के चाचा प्रकाश थाना एमजी पहले भी रोड इंदौर से फर्जी जमानतदारों के खिलाफ अपराध में पकड़े गए थे।

आरोपितों के तहसील कार्यालय से कई प्रकार की रबर एवं स्टील की सील, जैसे तहसील धार जिला धार, तहसील महिदपुर जिला धार, तहसील टोंक खुर्द जिला देवास, तहसील देपालपुर जिला इंदौर, तहसील घाटिया जिला उज्जैन, तहसील बोलई जिला शाजापुर, तहसील इंदौर, तहसील तराना जिला उज्जैन, तहसील गुलाना जिला शाजापुर, तहसील हाटोद जिला इंदौर, तहसील रतलाम जिला रतलाम, तहसील देवास जिला देवास, तहसील इंदौर जिला इंदौर, तहसील कन्नौद जिला देवास, तहसील सोनकच जिला देवास, तहसील सोनकच जिला। उज्जैन, तहसील उज्जैन जिला उज्जैन, तहसील महिदपुर जिला उज्जैन, तहसील सांवेर जिला इंदौर, तहसील महू जिला इंदौर, तहसीलदार महू, इंदौर जिला इंदौर से रबर सील बनाई गई थी.

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